Wednesday, January 8, 2020

कवि परिचय(kavi parichay)-कवि सुमित्रानन्दन पन्त

सुमित्रानन्दन पन्त

जन्म सन् 20 मई, 1900 ई0
मृत्यु  28 दिसम्बर, 1977 ई0

जीवन परिचय-

 प्रकृति के चित्रण के अमर कवि सुमित्रानन्दन का जन्म अल्मोड़ा के निकट कौसानी नाम ग्राम में हुआ था। जन्म के 6 घण्टे बाद ही इनकी माता का निधन हो गया। पिता एवं दादी की छाया में रहकर इनका लालन-पालन हुआ। पन्त जी जब 7 वर्ष के थे, उन्होंने काव्य-रचना आरम्भ कर दी थी। इनकी प्ररम्भिक शिक्षा-दीक्षा अल्मोड़ा में ही हुई। और यहीं से उन्होंने अपना नाम गोसाईंदत्त से बदलकर सुमित्रानन्दन रख लिया। 1919 ई0 में बनारस चले गये। यहाँ पर क्वीन्स कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की। सन् 1950 ई0 में वे 'ऑल इण्डिया रेडियो' के परामर्शदाता के पद पर नियुक्त हुये।  
प्रमुख कृतियाँ- 
1. लोकायतन
2. वीणा
3. पल्लव
4. गुंजन
5. ग्रन्थि
अन्य कृतियाँ- स्वर्णधूलि, स्वर्ण-किरण, युगपथ, उत्तरा एवं अतिमा।


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