Wednesday, January 29, 2020

General Knowledge

General Knowledge (सामान्य ज्ञान) Part-2

भारतीय इतिहास से सम्बन्धित प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले महत्त्वपूर्ण प्रश्नों की प्रश्नोत्तरी

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General Knowledge

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General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. लोदी वंश का संस्थापक कौन था- बहलोल लोदी
  2. बहलोल लोदी अपने सरदारों को क्या कहकर पुकारता था- मकसद-ए-अली
  3. दिल्ली पर सबसे पहले अफगान राज्य की स्थापना का श्रेय किसको है- बहलोल लोदी
  4. बहलोल लोदी 19 अप्रेंल 1451 ई. को दिल्ली के सिंघासन पर बैठते हुये किस उपाधि से नवाजा गया- बहलोल शाहगाजी
  5. 17 जुलाई 1489 ई. में बहलोल लोदी का पुत्र निजाम खाँ किस उपाधि से दिल्ली के सिंघासन पर बैठा था-सुल्तान सिकन्दर शाह
  6. आगरा शहर की स्थापना(1504 ई.) किसने की थी- सिकन्दर लोधी
  7. सिकन्दर लोधी की मृत्यु कब हुई थी- 21 नवम्बर, 1517 ई.
  8. सिकन्दर लोधी की मृत्यु किस बीमारी से हुई थी- गले की बीमारी
  9. सिकन्दर लोधी का पुत्र कौन था- इब्राहिम लोधी
  10. इब्राहिम लोधी किस उपाधि के साथ आगरा के सिंघासन पर बैठा था- इब्राहिम शाह
  11. पानीपत का प्रथम युद्ध किसके बीच में हुआ था- इब्राहिम लोधी एवं बाबर 
  12. पानीपत के प्रथम युद्ध में हार किसकी हुई थी- इब्राहिम लोधी

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. मुगल वंश की स्थापना किसने की थी- बाबर
  2. बाबर का जन्म कब हुआ था- 14 फरवरी, 1483 ई.
  3. बाबर ने बादशाह की उपाधि धारण कब की थी- 1507 ई.
  4. बादशाह बाबर के पिता का क्या नाम था- उमरशेख मिर्जा
  5. बाबर की माता का नाम क्या था- कूतलूक निगार खानम
  6. बाबर की माता किस वंश की थी- चंगेज खाँ वंश
  7. बाबर ने भारत पर कितनी बार आक्रमण किये- 5 बार
  8. पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर के दो प्रसिद्ध निशानेबाजों के नाम क्या थे- उस्ताद अली एवं मुस्तफा
  9. बाबर ने खनवा युद्ध विजय के बाद कौनसी उपाधि धारण की थी- गाजी
  10. 26 दिसम्बर, 1530 ई. में बाबर की मृत्यु कहाँ हुई थी- आगरा
  11. बाबर के मृत शरीर को सर्वप्रथम कहाँ दफनाया गया- आरामबाग (आगरा)
  12. बाबर के मृत शरीर को बाद में कहाँ दफनाया गया- काबुल
  13. बाबर द्वारा रचित आत्मकथा का नाम- बाबरनामा
  14. बाबर की मृत्यु के समय हुमायूँ कहाँ था- सम्भल 

भारतीय इतिहास से सम्बन्धित प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले महत्त्वपूर्ण प्रश्नों की प्रश्नोत्तरी

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. बाबर का उत्तराधिकारी कौन था- हुमायूँ
  2. हुमायूँ का पूरा नाम क्या था- नसीरुद्दीन हुमायूँ 
  3. हुमायूँ का जन्म कहाँ हुआ था- काबुल
  4. हुमायूँ सिंघासन पर बैठने से पूर्व कहाँ का सरदार था- बदख्शाँ
  5. राज्य बँटवारे में अपने चचेरे भाई सुलेमान मिर्जा को हुमायूँ ने कौनसा प्रदेश दिया- बदख्शाँ
  6. हुमायूँनामा पुस्तक की रचना किसने की थी- गुल-बदन बेगम
  7. हुमायूँ का जन्म कब हुआ था- 6 मार्च, 1508 ई.
  8. हुमायूँ की मृत्यू कब हुई थी- 1 जनवरी, 1556 ई.

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. अकबर का जन्म कब हुआ था- 15 अक्टूबर, 1542 ई.
  2. अकबर की माता का नाम क्या था- हमीदा बानू बेगम
  3. अकबर का राज्याभिषेक कब हुआ था- 14 फरवरी, 1556 ई.
  4. अकबर का राज्याभिषेक कहाँ हुआ था- पंजाब के कलानौर
  5. अकबर राजसिंघासन पर किस उपाधि से बैठा था- जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर बादशाही राजी
  6. राजसिंघासन पर बैठते हुये अकबर किसके संरक्षण में रहा था- बैराम खाँ
  7. अकबर ने कौनसा धर्म चलाया था- दीन-ए-इलाही
  8. अकबर ने जैनधर्म के जैनाचार्य हरि विजय सूरि को कौनसी उपाधि प्रदान की थी- जगतगुरु
  9. दीन-ए-इलाही धर्म को मानने वाला पहला एवं अन्तिम हिन्दू शासक का नाम- बीरबल
  10. अकबर के दरबार में प्रसिद्ध संगीतकार का नाम - तानसेन
  11. अकबर की शासन-प्रणाली की प्रमुख विशेषता कौनसी थी- मनसबदारी प्रथा
  12. अकबर के दरबार में प्रसिद्ध चित्रकार का नाम - अब्दुससमद
  13. अकबर की मृत्यु कब हुई थी- 16 अक्टूबर, 1605 ई.
  14. अकबर के दरबार को सुशोभित करने वाले कितने रत्न थे- 9
  15. बीरबल के बचपन का नाम क्या था- महेश दास
  16. अकबरनामा ग्रन्थ की रचना किसने की थी- अबुल-फजल
  17. प्रसिद्ध संगीतकार तानसेन का मूल नाम क्या था- रामतनु पाण्डेय
  18. प्रसिद्ध संगीतकार तानसेन का जन्म 1506 ई. में ग्वालियर के किस परिवार में हुआ था- ब्राह्मण
  19. बुलन्द दरवाजा का निर्माण अकबर ने किस विजय उपलक्ष्य में करवाया था- गुजरात विजय 
  20. अकबर का उत्तराधिकारी कौन था- सलीम

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. 24 अक्टूबर, 1650 ई. को सलीम ने सिंघासन पर बैठते हुये कौनसी उपाधि धारण की थी-नूरुद्दीन मुहम्मद जहाँगीर बादशाही गाजी
  2. अकबर ने अपने पुत्र का नाम किस सूफी संत के नाम पर रखा था- शेख सलीम चिश्ती
  3. ’न्याय की जंजीर’ के नाम से किसे याद किया जाता है- जहाँगीर
  4. नूरजहाँ किसकी पुत्री थी- मिर्जा गयास बेग 
  5. नूरजहाँ की माता का नाम क्या था- अस्मत बेगम
  6. गुलाब से इत्र निकालने की विधि  किसने खोजी थी- अस्मत बेगम
  7. नूरजहाँ का वास्तविक नाम क्या था- मेहरुन्निसा
  8. लाडली बेगम के पिता एवं माता का नाम क्या है- शेर अफगार एवं मेहरुन्निसा
  9. मुगल चित्रकला का सबसे अधिक विकास किसके शासन काल में हुआ था- जहाँगीर
  10. चित्रकला का स्वर्णकाल किसके शासन काल को कहा जाता था- जहाँगीर
  11. इतमाद-उद-दौला का मकबरा किसने निर्माण करावाया था- नूरजहाँ
  12. जहाँगीर के मकबरे का निर्माण किसने करवाया था-नूरजहाँ

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. जहाँगीर का उत्तराधिकारी कौन था- शाहजहाँ
  2. शाहजहाँ का जन्म कब हुआ था- 5 जनवरी, 1592 ई. लाहौर
  3. शाहजहाँ की माता का नाम क्या था- जगत गोसाई 
  4. शाहजहाँ का दूसरा नाम क्या था- खुर्रम
  5. अबुल मुजफ्फर शहाबुद्दीन मुहम्मद साहिब किरन-ए-सानी की उपाधि किसने धारण की थी- शाहजहाँ
  6. नूरजहाँ को दो लाख रुपये की प्रतिवर्ष पेंशन देकर लाहौर किसने भेजा था- शाहजहाँ
  7. शाहजहाँ ने मुमताज महल की याद में ताजमहल का आगरा में कहाँ निर्माण करवाया था- मुमताज महल की कब्र पर 

Tuesday, January 28, 2020

Valentine Day

Valentine Day : 14 February, 2020 Kya Hai?

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Valentine's Day, 2020

Valentine Day : 14 फरवरी, 2020 क्या है?

वेलेंटाइन डे प्रत्येक 14 फरवरी को इस प्यार भरे खुशनुमा दिन को विश्व के विभिन्न देशों में अपने अलग-अलग नामों, अलग-अलग अंदाज से सेलीब्रेट किया जाता है। चीन में इस दिन को 'नाइट्स ऑफ सेवेन्स' के नाम से सेलीब्रेट किया जाता है, तो जापन और कोरिया में 'वाइट डे' के नाम से इस दिन को सेलीब्रेट किया जाता है। 

अधिकतर वेलेंटाइन डे  का प्यार एवं मुहम्बत करने वाले व्यक्तियों को बेसब्री से इन्तजार रहता है। वह उस दिन अपनी प्रेमिका के प्यार में धकड़कते हुये दिल से अपने प्यार का इजहार करना चाहता है अथवा वह अपनी प्रेमिका से शादी का प्रस्ताव भी रख सकता है। आप सभी जानते हैं कि वेलेंटाइन डे प्रत्येक साल 14 फरवरी को मनाया जाता है, लेकिन मुहब्बत एवं प्यार को अपनी भावनाओं के साथ इजहार करने वाले व्यक्ति 14 फरवरी के बाद भी पूरे माह एक दूसरे को उपहार एवं फूल देने का आदान-प्रदान चलता रहता है। 

valentine Day वेलेंटाइन डे 14 फरवरी को प्यार एवं मुहब्बत के रूप क्यों मनाया जाता है?

आज हम सभी लोग किसी त्यौहार या किसी महत्त्वपूर्ण दिन अथवा किसी ऐतिहासिक पर्व को बड़े ही धूम-धाम से मनाते हैं, उसका कोई-कोई न इतिहास जरूर होता है। ऐतिहासिक तथ्यों एवं साक्ष्यों के अनुसार अनुमान लगाकर कल्पना की जाती है और इस उस कल्पना के आधार पर जैसे-जैसे विश्व के देश प्रगति की ओर अग्ररसर हो रहे हैं, उसी प्रकार इन त्यौहारों एवं दिनों अथवा पर्व को अपने आधुनिक ढंग से सेलीब्रेट करते हैं।

14 फरवरी का दिन वेलेंटाइन डे  के नाम से क्यों जाना जाता हैं?


हम पहले ही बात कर चुके हैं कि किसी दिन अथवा त्यौहार को मनाने के पीछे ऐतिहासिक तथ्य अवश्य ही होते हें। इसी प्रकार 14 फरवरी के दिन वेलेंटाइन डे के रूप में मनाने के पीछे भी ऐतिहासिक तथ्य है। ऐसा कहा जाता है कि तीसरी शताब्दी में रोम में एक राजा था, जिसका नाम क्लॉडियस था। प्रचीन काल में राजाओं की प्रकृति बड़ी ही विचित्र किश्म की होती थी। कोई व्यक्ति तो राजा बनने के पश्चात अपने राज्य में प्रजा की भलाई के कार्य करता था, जिसको महान सम्राट की उपाधि दी जाती थी तथा कोई राजा ऐसा क्रूर स्वभाव का होता था, वह अपनी प्रजा पर विभिन्न प्रकार के अंकुश लगा देता। इसी क्रूर प्रकृति का राजा क्लॉडियस था। उसका विचार था- कि पुरुषों को विवाह नहीं करना चाहिए। पुरुषों का विवाह होने से उनकी शारीरिक शक्ति एवं मस्तिष्क बुद्धि का विनाश हो जाता है। एक दिन उसने अपने राज्य में आदेश जारी कर दिया कि उसका कोई भी अधिकारी एवं सैनिक विवाह नहीं करेगा। 

उस राज्य में एक संत वेलेंटाइन रहते थे। जब उन्हें इस आदेश का पता चला तो उन्होंने इसका विरोध किया। और राजा के इस आदेश की अवेहलना/ खण्डन करते हुये राज्य में नागरिकों को विवाह करने हेतु प्रचार-प्रसार करने लगे। उन्होंने कई अधिकारियों एवं सैनिकों के विवाह करवाये, लेकिन यह कार्य उनका ज्यादा दिनों नहीं चल पाया। एक दिन राजा क्लॉडियस को पता चल गया और उसने सैनिकों को आदेश दिया कि संत वेलेंटाइन को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया जाये। संत वेलेंटाइन, राजा के सामने उपस्थित हुआ और राजा ने उसको एक निश्चित तिथि को फांसी की सजा सुनाई। फांसी की निश्चित तिथि से पूर्व उसे जेल में डाल दिया गया। 

वेलेंटाइन एक संत था, जिसमें दिव्य शक्तियाँ समाहित थीं। जेल का जेलर इस बात को जानता था कि संत वेलेंटाइन में सर्वसमाज के चहुँमुखी विकास की सेवा-भावना है। जेलर की एक पुत्री थी, जोकि जन्म से अन्धी थी। इसी वजह से जेलर, संत वेलेंटाइन की सैल में गया और उसने अपनी पुत्री की आँखों की रोशनी प्रदान करने का अनुरोध किया, जिसको उस महान संत ने स्वीकार कर लिया। जेलर की पुत्री उस महान संत की कृपा दृष्टि से इस संसार को देखने लगी। इसी दरमियान में संत और जेलर की पुत्री का सम्बन्ध बातों ही बातों में प्रेम में बदल जाता है।

निश्चित तिथि 14 फरवरी को फांसी लगने से पहले संत वेलेंटाइन ने अपनी प्रेमिका को एक प्रेम-पत्र लिखा। जिसकी याद में प्रत्येक वर्ष 14 फरवरी के दिन को वेलेंटाइन डे के रूप में मनाने की शुरुआत हुई। और इस दिन को विभिन्न देशों में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। 

Valentine Day 14 February, 2020

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Valentine's Day, 2020

Valentine Day: वेलेंटाइन डे को कैसे करें सैलीब्रेट?


अधिकतर व्यक्ति वैलेन्टाइन डे को शादी होने के पूर्व सैलीब्रेट किया जाता है, इस दिन एक प्रेमी अपने प्यार का इजहार अपनी प्रेमिका से करता है, लेकिन आज के दौर में प्रेमिका भी अपने प्रेमी से प्यार का इजहार करती है। वैलेन्टाइन डे (Valentine Day)  कैसे करें सैलीब्रेट-

  • आप अपने प्यार को किसी ऐसे स्थान का चयन कर सकते हैं, जो आपके प्यार को सबसे अधिक अच्छा लगता है।
  • आप अपने प्यार को उपहार के रूप में गुलाब के फूलों में प्रेम-पत्र लगाकर दे सकते हैं।
  • किसी पार्क, जिसमें विभिन्न प्रकार के फूल हों, वहाँ ले जाकर अपने प्यार को व्यक्त कर सकते हैं।
  • शादी के प्रस्ताव हेतु अपनी प्रेमिका को उपहार के रूप में रिंग दे सकते हैं। 

यदि वेलेंटाइन डे  के दिन आप कुछ बड़ा सोच रहे हैं भारत के विभिन्न शहरों में ऐतिहासिक मनोहर पर्यंटन स्थल हैं, जहाँ अपने प्यार को घुमाने ले जा सकते हैं- जैसे आगरा में ताजमहल, जिसको मुगल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी बेगम मुमताज की यादगार में बनवाया था। विश्व में ताजमहल प्यार एवं मुहब्बत का प्रतीक है। 

General Knowledge

General Knowledge (सामान्य ज्ञान) Part-1

भारतीय इतिहास से सम्बन्धित प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले महत्त्वपूर्ण प्रश्नों की प्रश्नोत्तरी

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General Knowledge का पार्ट-द्वितीय पढ़ने के लिये लिंक पर क्लिक करें

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. पृथ्वीराज तृतीय को मुस्लिम इतिहासकारों ने क्या नाम दिया- रायपिथौरा
  2. चौहानों को अपने साम्राज्य का विस्तार करने हेतु सबसे अधिक संघर्ष किनसे किया- गहड़वालों
  3. पृथ्वीराज ने स्वयंवर स्थल से किसका अपहरण किया था- जयचन्द की पुत्री संयोगिता का
  4. कन्नौज के शासक जयचन्द को ’रम्भा मंजरी’ नामक नाटिका में क्या कहा गया है- दल-पुंगल
  5. कुतुबुद्दीन ऐबक का जन्म कहाँ हुआ था- तुर्किस्तान
  6. कुतुबुद्दीन ऐबक को बचपन में एक दास के रूप में बेचने पर किसने खरीदा- मुहम्मद गोरी
  7. गुलाम वंश की स्थापना किसने की थी- कुतुबुद्दीन ऐबक
  8. कुतुबमीनार का निर्माण कार्य किसने प्रारम्भ करवाया था- कुतुबुद्दीन ऐबक
  9. कुतुबमीनार का निर्माण कार्य किसने पूर्ण करवाया था- इल्तुतमिश
  10. कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु कहाँ हुई थी- लाहौर
  11. कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु किस खेल से हुई थी- चौगान
  12. कुतुबुद्दीन ऐबक का उत्तराधिकारी कौन था- आरामशाह
  13. आरामशाह की हत्या किसने की थी- इल्तुतमिश
  14. इल्तुतमिश के बड़े पुत्र का क्या नाम है, जोकि उसके जीवन काल में मर गया था- नासिरूद्दीन
  15. इल्तुतमिश का उत्तराधिकारी कौन था- रूक्नुद्दीन

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. मुस्लिम इतिहास में पहली स्त्री जो दिल्ली के सिंघासन पर बैठी- सुल्तान रजिया
  2. सुल्तान रजिया का उत्तराधिकारी कौन था- बहरामशाह
  3. गुलाम वंश का अन्तिम शासक कौन था- सुल्तान क्यूमर्स
  4. खलजी वंश के संस्थापक कौन था- जलालुद्दीन फिरोजशाह खिलजी
  5. 13 जून, 1290 में जुलालुद्दीन का राज्याभिषेक कहाँ हुआ था- कीलूगढ़ी
  6. जुलालुद्दीन को सिंघासन पर बैठते समय किस उपाधि से नमजा गया- फीरोजशाह
  7. जलालुद्दीन की हत्या किसने की थी- अलाउद्दीन खिलजी
  8. अलाउद्दीन खिलजी के पिता का नाम क्या था-शिहाबुद्दीन
  9. सुल्तान बनने के बाद अलाउद्दीन खिलजी को कौनसे पद से नवाजा गया- अमीर-ए-तुजक
  10. अलाउद्दीन खिलजी के द्वारा लगाये जाने वाले दो नये कर कौनसे थे-चराई कर एवं गढ़ी कर
  11. अलाउद्दीन खिलजी का चित्तौड़ पर आक्रमण करने का मुख्य कारण था- रानी पद्यमनी
  12. रानी पद्यमनी राणा को छुडवाने के लिए दिल्ली किसके साथ गई थी- गोरा एवं बादल
  13. अलाउद्दीन खिलजी की मृत्यु कब हुई थी- 5 जनवरी, 1316 ई0


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General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. भारत का आइन्सटीन किसको कहा जाता है-नागार्जुन 
  2. कनिष्क बौद्ध धर्म में कौनसे सम्प्रदाय के अनुयायी थे- महायान सम्प्रदाय
  3. कनिष्क का राजवैद्य, जोकि आयुर्वेद का विख्यात विद्वान था- चरक
  4. चरकसंहिता किसके द्वारा रचित है- राजवैद्य चरक
  5. रेशम बनाने की कला का अविष्कार सबसे पहले कहाँ हुआ- चीन
  6. कुषाण वंश का अन्तिम शासन कौन था- वासुदेव
  7. मथुरा शैली एवं गांघार शैली का विकास किसके शासनकाल में हुआ- कनिष्क

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. गुप्त वंश का प्रथम सम्राट कौन था- चन्द्रगुप्त प्रथम
  2. गुप्त वंश के संस्थापक कौन थे- श्रीगुप्त
  3. चन्द्रगुप्त प्रथम का उत्तराधिकारी कौन था- समुद्रगुप्त
  4. समुन्द्रगुप्त ने कौनसी उपाधि धारण की थी- अश्वमेधकर्त्ता
  5. भारत का नेपोलियन कहा जाता है- समुद्रगुप्त
  6. समुद्रगुप्त किसके उपासक थे- विष्णु
  7. समुद्रगुप्त का उत्तराधिकारी कौन था- चन्द्रगुप्त-द्वितीय
  8. चीनी बौद्ध यात्री किसके शासनकाल में भारत आया- चन्द्रगुप्त-द्वितीय,
  9. चन्द्रगुप्त-द्वितीय का उत्तराधिकारी कौन था- कुमारगुप्त
  10. नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना किसने की थी- कुमारगुप्त
  11. गुप्त वंश का अन्तिम शासन कौन था- भानुगुप्त
  12. संस्कृत भाषा के प्रसद्धि कवि कालिदास किसके शासन काल में थे- चन्द्रगुप्त-द्वितीय
  13. अजंता की गुफाएँ बौद्ध धर्म के किस सम्प्रदाय की हैं- महायान सम्प्रदाय
  14. गुप्त काल में विष्णु शर्मा द्वारा रचित संस्कृत पुस्तक का नाम है- पंचतन्त्र
  15. भारतीय इतिहास में गुप्त काल को किस युग के नाम से जाना जाता है- स्वर्ण युग

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. पुष्यभूति वंश के संस्थापक कौन थे- पुष्यभूति
  2. पल्लव वंश के संस्थापक कौन थे- सिंह विष्णु
  3. सिंहविष्णु किस धर्म के अनुयायी थे- वैष्णव धर्म
  4. राष्ट्रकूट राजवंश का संस्थापक कौन था- दन्तिदुर्ग
  5. ऐलोरा के प्रसिद्ध कैलाश मन्दिर का निर्माण किसने करवाया था- कृष्ण प्रथम
  6. राष्ट्रकूट वंश का अन्तिम शासक कौन था- कृष्ण तृतीय
  7. कल्याणी के चालुक्य वंश की स्थापना किसके द्वारा की गई थी- तैलप-द्वितीय
  8. वातापी के चालुक्य वंश की स्थापना किसके द्वारा की गई थी- जयसिंह
  9. वेंगी के चालुक्य वंश की स्थापना किसके द्वारा की गई थी- विष्णुवर्धन

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. चोल वंश के संस्थापक कौन थे- विजयपाल
  2. चोल वंश साम्राज्य का सबसे अधिक विस्तार किसके शासनकाल में हुआ था- राजेन्द्र प्रथम
  3. चोल वंश का अन्तिम शासक कौन था- राजेन्द्र-तृतीय
  4. कदम्ब वंश के संस्थापक कौन थे- मयूर शर्मन
  5. गंगवंश के संस्थापक कौन थे- बज्रहस्त पंचम
  6. काकतीय वंश का संस्थापक कौन थे- बीटा प्रथम
  7. काकतीय राजवंश का अन्तिम शासक कौन था- प्रताप रुद्र
  8. पाल वंश की स्थापना किसके द्वारा की गई थी- गोपाल
  9. सेनवंश की स्थापना किसके द्वारा की गई थी- सामन्त सेन

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. गुर्जर प्रतिहार वंश का संस्थापक कौन था- नागभट्ट प्रथम
  2. नागभट्ट प्रथम कहाँ के शासक थे- मालवा
  3. गहड़वाल वंश की स्थापना किसने की थी- चन्द्रदेव
  4. गहड़वाल वंश का सबसे अधिक शक्तिशाली राजा कौन था- गोविन्द चन्द्र
  5. चौहान वंश की स्थापना किसने की थी- वासुदेव
  6. परमार वंश के संस्थापक कौन थे- उपेन्द्रराज
  7. सोलंकी वंश का संस्थापक कौन था- मूलराज प्रथम
  8. मूलराज प्रथम किस धर्म का अनुयायी था- शैवधर्म
  9. सोलंकी वंश का अन्तिम शासक कौन था- भीम द्वितीय
  10. सिसोदिया वंश के शासक कहाँ पर शासन करते थे- मेवाड़
  11. सिसोदिया वंश के शासक को किस नाम से जाना जाता था- सूर्यवंशी

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भारतीय इतिहास से सम्बन्धित प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले महत्त्वपूर्ण प्रश्नों की प्रश्नोत्तरी

  1. मगध पर शुंग वंश की नींव डाली- पुष्यमित्र शुंग
  2. पुष्यमित्र शुंग किस जाति के थे- ब्राह्मण
  3. शुंग वंश का अन्तिम शासक कौन था- देवभूति
  4. शुंगवंश की स्थापना के बाद अपनी राजधानी बनाई- विदिशा
  5. कण्व वंश की स्थापना किसने की थी- वासुदेव
  6. शुंग वंश के अन्तिम शासक देवभूति की हत्या किसने की थी- वासुदेव

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. ईसाई धर्म के संस्थापक कौन हैं- ईसा मसीह
  2. ईसाई धर्म का प्रमुख ग्रन्थ कौनसा है- बाइबिल
  3. ईसा के जन्मदिन को किस रूप में मनाया जाता है- क्रिसमस डे
  4. ईसी मसीह के माता एवं पिता का नाम क्या था- मेरी एवं जोसेफ
  5. ईसा मसीह के प्रथम दो शिष्य का नाम क्या था- एंडूस एवं पीटर
  6. ईसाई धर्म में सबसे पवित्र चिन्ह कौनसा है- क्रॉस

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. इस्लाम धर्म के संस्थापक कौन हैं- हजरत मुहम्मद साहब
  2. हजरत मुहम्मद साहब का जन्म कब और कहाँ हुआ था- 570 ई0 मक्का 
  3. हजरत मुहम्मद का निकाह खजीदा से हुआ था, उस समय उनकी आयु कितनी थी- 25 वर्ष
  4. हजरत मुहम्म्द साहब की पुत्री एवं पुत्र का नाम क्या था- फातिमा एवं अली हुसैन
  5. इस्लाम धर्म का पवित्र ग्रन्थ कौनसा है- कुरान
  6. मुहम्मद साहब की जीवनी सर्वप्रथम किसने लिखी थी- इब्न ईशाक

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भारतीय इतिहास से सम्बन्धित प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले महत्त्वपूर्ण प्रश्नों की प्रश्नोत्तरी

  1. भारत का सबसे प्राचीन धर्मग्रन्थ है - वेद
  2. ऋचाओं को पढ़ने वाले ऋषि को कहते हैं - होतृ
  3. विद्वान कल्हण द्वारा रचित पुस्तक का नाम- राजतरंगिणी
  4. विद्वान कल्हण द्वारा रचित पुस्तक राजतरंगिणी का सम्बन्ध किस इतिहास से है- कश्मीर के इतिहास
  5. अरबों की सिंध-विजय का उल्लेख किसमें मिलता है- चचनामा पुस्तक 
  6. चचनामा पुस्तक के लेखक का नाम- अली अहमद
  7. अष्टाध्यायी के लेखक कौन हैं- पाणिनी
  8. सेल्युकस निकेटर का राजदूत कौन था- मेगास्थनीज
  9. मेगास्थनीज किसके शासन काल में आया था- चन्द्रगुप्त मौर्य
  10. मेगास्थनीज द्वारा रचित पुस्तक का नाम- इण्डिका
  11. ’भारत का भूगोल’ नामक पुस्तक के रचियेता कौन हैं- टॉलमी
  12. नेचुरल हिस्ट्री नामक पुस्तक के लेखक कौन हैं- प्लिनी
  13. चीनी यात्री फाहियान किसके शासन काल में आया था- चन्द्रगुप्त द्वितीय
  14. चीनी यात्री ह्नेनसाँग यात्री किसके शासन काल में आया- हर्षवर्धन
  15. चीनी यात्री ह्नेनसाँग सर्वप्रथम भारत के किस राज्य में पहुँचा- कपिशा
  16. चीनी यात्री ह्नेनसाँग के अध्ययन के समय नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति का  क्या नाम था- शीलभद्र
  17. चीनी इतिहास का पितामह किसे कहा जाता है- सुमाचीन
  18. अरबी लेखक अलबरुनी किसके साथ भारत आया था- महमूद गजनवी
  19. ’किताब-उल-हिन्द’ या ’तहकीक-ए-हिन्द’  पुस्तक के लेखक का नाम- अलबरुनी
  20. तारानाथ लेखक द्वारा ’कंग्युर’ तथा ’तंग्युर’ नामक ग्रन्थ की रचना की। यह लेखक कहां के थे- तिब्बत
  21. अभिलेखों का अध्ययन कहलाता है- इपीग्राफी
  22. प्राचीनतम सिक्कों को क्या कहा जाता है- आहूत सिक्के

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. पूर्व पाषाण युग में मानव की जीविका का मुख्य आधार क्या था- शिकार
  2. पुरा-पाषाणकाल में किसका आविष्कार हुआ- आग
  3. पहिये का आविष्कार किस काल में हुआ था- नव-पाषाणकाल
  4. सर्वप्रथम मनुष्य ने किस धातु का प्रयोग किया- ताँबा
  5. मुनष्य के द्वारा सबसे पहले बनाये जाने वाला हथियार कौनसा है- कुल्हाडी
  6. कृषि का आविष्कार किस काल में हुआ था- नव-पाषाणकाल
  7. भारत में पूर्व प्रस्तर युग के अधिकांशतः औजार किसके बने हुये थे- पत्थर 

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. भारत का सबसे प्राचीन शहर का क्या नाम है- मोहनजोदड़ो
  2. सिन्धु सभ्यता की सर्वप्रथम खोज किसके द्वारा की गई थी- दयाराम साहनी एवं माधोस्वरूप
  3. सिन्धु सभ्यता के लोगों ने नगरों तथा अपने घरों के विन्यास के लिये कौनसी पद्धति अपनायी थी- ग्रीड पद्धति
  4. सिन्धु घाटी सभ्यता में मुख्यतः कौनसी फसलें थीं- गेहूँ एवं जौ
  5. सिन्धु घाटी सभ्यता के लोग धरती को कौनसी देवी के रूप में मानकर पूजा करते थे- उर्वता की देवी
  6. सिन्धुवासी लोगों ने किरात वेश में किसको माना है- भगवान शिव
  7. सिन्धुवासी लोग पशु पूजा में शक्ति के रूप में किसकी पूजा करते थे- बैल

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. आर्यों की भाषा कौनसी सी थी- संस्कृत
  2. वैदिक काल में ग्राम के मुखिया को कहा जाता था- ग्रामिणी 
  3. वैदिक काल में कई ग्रामों के समूहों से मिलकर इकाई बनती थी-विश
  4. वैदिक काल में कई विश के समूहों को मिलाकर इकाई बनती थी- जन
  5. वैदिक काल में राज्याधिकारियों में प्रमुख कौन था- पुरोहित एवं सेनानी
  6. वैदिक काल में जन इकाई का अधिकारी कहलाता था- गोप अथवा रक्षक
  7. वैदिक काल में जन की बड़ी इकाई कौनसी थी- राष्ट्र
  8. वैदिक काल में अपराधियों को पकड़ने वाले को कहते थे- उग्र
  9. वैदिक काल में सम्पूर्ण जीवन अविवाहित रहने वाली महिलाओं को कहा जाता था- अमाज्
  10. वैदिक काल में आर्यों का मुख्य पेय पदार्थ कौनसा था- सोमरस
  11. ’गोत्र’ नामक संस्था का उदय किस काल में हुआ था-उत्तर वैदिक काल
  12.  आर्य लोग कमर से नीचे पहनने वाले वस्त्र को क्या कहते थे- नीवीं
  13. आर्य लोग शरीर पर शाल की भॉति ओढ़े जाने वाले वस्त्र को क्या कहते थे- वास
  14. भारतीय इतिहस में उत्तरवैदिक काल के बाद का समय सूत्रकाल जाना जाता था और उसके बाद का समय किस नाम से जाना था- महाकाव्यकाल
  15. महाकाव्यकाल में आर्यों के किन दो बड़े ग्रन्थों के बारे जानकारी मिलती है- रामायण एवं महाभारत
  16. महाकाव्य काल में विवाह कितने प्रकार के थे- 8
  17. महाभारत का दूसरा नाम- जयसंहिता

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर एवं संस्थापक कौन थे- ऋषभदेव 
  2. जैन धर्म के 23 वें तीर्थकर कौन थे- पार्श्वनाथ
  3. पार्श्वनाथ के पिता एवं माता का नाम क्या था- राजा अश्वसेन एवं वामा
  4. पार्श्वनाथ को 83 दिनों की घोर तपस्या के उपरान्त ज्ञान की प्राप्ति कहाँ मिली- सम्मेद पर्वत
  5. पार्श्वनाथ द्वारा प्रतिपादित मार्ग का अनुसरण करने वाले क्या कहलाये- निग्रन्थ
  6. महावीर स्वामी के माता-पिता किसके अनुयायी थे- पार्श्वनाथ
  7. पार्श्वनाथ की मृत्यु कितनी आयु में हुई थी- 100 वर्ष 
  8. जैन धर्म के 24वें एवं अन्तिम तीर्थंकर कौन थे- महावीर स्वामी
  9. महावीर स्वामी का का जन्म कहाँ हुआ था- कुण्डग्राम (वैशाली)
  10. महावीर स्वामी का जन्म कौनसे कुल में हुआ था- ज्ञातृक क्षत्रिय
  11. महावीर स्वामी के बचपन का नाम क्या था-वर्द्धमान
  12. महावीर स्वामी के माता एवं पिता का नाम क्या था- त्रिशला एवं सिद्धार्थ
  13. सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् आचरण को जैन धर्म में क्या कहते हैं- त्रिरत्न
  14. जैन धर्म में वस्त्र धारण करने वाले कहलाते हैं- श्वेताम्बर
  15. जैन धर्म में नग्न रहने वाले कहलाते हैं- दिगम्बर

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. गौतम बुद्ध का जन्म स्थान- कपिलवस्तु के लुम्बनी
  2. बौद्ध धर्म के संस्थापक- गौतम बुद्ध
  3. गौतम बुद्ध का विवाह का यशोधरा के साथ हुआ, उस समय उनकी आयु कितने वर्ष की थी - 16 वर्ष
  4. गौतम बुद्ध के बचपन का नाम क्या था -सिद्धार्थ
  5. सिद्धार्थ का गृह-त्याग बौद्धधर्म में कहलाता -महाभिनिष्क्रमण
  6. सिद्धार्थ को वैशाख की पूर्णिमा की रात निरंजना नदी के किनारे, पीपल के वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई, उस समय उनकी आयु कितनी थी- 35 वर्ष
  7. ज्ञान प्राप्ति के बाद सिद्धार्थ कहलाये- बुद्ध
  8. सिद्धार्थ को जिस स्थान पर ज्ञान की प्रप्ति हुई, उसको क्या नाम दिया गया- बोधगया
  9. गौतम बुद्ध के उपदेश किस भाषा में थे- पालि
  10. गौतम बुद्ध द्वारा सबसे अधिक उपदेश कहाँ दिये- श्रावस्ती
  11. बौद्धधर्म के त्रिरत्न कौनसे हैं- बुद्ध, धम्म एवं संघ
  12. बौद्धधर्म कितने भागों में विभाजित हुआ- दो भागों (हीनयान एवं महायान)
  13. बौद्धधर्म और जैन धर्म में किसकी समानता है- अनीश्वरवादी

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. शैव धर्म में लिंग पूजा का स्पष्ट वर्णन किस ग्रन्थ में मिलता है- मत्स्यपुराण
  2. ऐलोरा के प्रसिद्ध कैलाश मन्दिर का निर्माण किसने करवाया था- राष्ट्रकूटों 
  3. कुषाण शासकों की मुद्राओं पर एक साथ किसका अंकन मिलता है- शिव एवं नन्दी
  4. वैष्णव धर्म के विषय में सर्वप्रथम कहाँ से जानकारी मिलती है- उपनिषदों 
  5. वैष्णव धर्म के प्रवर्त्तक कौन थे- कृष्ण
  6. भगवान विष्णु के दस अवतारों का उल्लेख कहाँ मिलता है- मत्स्यपुराण

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. हर्यक वंश के संस्थापक कौन थे- बिम्बसार
  2. बिम्बसार कहाँ के राजा थे- मगध
  3. बिम्बसार  ने ब्रह्मदत्त को हराकर किस राज्य को अपने मगध राज्य मे मिला लिया था- अंग
  4. अजातशत्रु का दूसरा नाम क्या है- कुणिक
  5. अजातशत्रु ने मगध पर कितने वर्ष तक शासन किया था- 32 वर्ष
  6. अजातशत्रु किस धर्म का अनुयायी था- जैन धर्म
  7. अजातशत्रु की हत्या उसके पुत्र ने की थी, उसके पुत्र का क्या नाम है- उदायिन
  8. हर्यक वंश का अन्तिम राजा कौन था- नागदशक
  9. नंदवंश का संस्थापक कौन था- महापद्म नंद
  10. नंदवंश का अन्तिम शासक कौन था- घनानन्द
  11. मौर्य वंश की स्थापना किसने की थी- चन्द्रगुप्त मौर्य 
  12. नंदवंश के अन्तिम राजा घनानन्द को युद्ध में किसने परास्त किया था- चन्द्रगुप्त मौर्य
  13. चन्द्रगुप्त मौर्य का जन्म कब हुआ था- 345 ई0पू0
  14. चन्द्रगुप्त र्मार्य का गुरु कौन था- चाणक्य
  15. चाणक्य द्वारा रचित पुस्तक को क्या कहते हैं- अर्थशास्त्र 
  16. मेगास्थनीज द्वारा रचित पुस्तक का नाम- इण्डिका
  17.  चन्द्रगुप्त मौर्य किस धर्म का अनुयायी था- जैन धर्म
  18. चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपना अन्तिम समय कहाँ व्यतीत किया था- श्रेवणबेलगोला (कर्नाटक)
  19. जैनधर्म की दीक्षा चन्द्रगुप्त मौर्य ने किस जैनी से ली थी- भद्रबाहु
  20. चन्द्रगुप्त मौर्य का उत्तराधिकारी कौन था- बिन्दुसार
  21. बिन्दुसार का उत्तराधिकारी कौन था- अशोक
  22. बिन्दुसार की मृत्यु से पहले अशोक कहाँ का राज्यपाल था- अवन्ती
  23. अशोक की माता का नाम क्या था-सुभद्रांगी
  24. अशोक किस धर्म का अनुयायी था- बौद्धधर्म
  25. अशोक ने किस धर्म का प्रचार-प्रसार किया- बौद्धधर्म
  26. अशोक ने किस युद्ध विजय के उपरान्त शस्त्र त्याग दिये- कलिंग विजय

General Knowledge (सामान्य ज्ञान)

  1. अशोक के स्तम्भ लेखों की संख्या कितने है- 7
  2. अशोक के स्तम्भ लेख किस लिपि में लिखे गये थे- ब्राह्मी लिपि
  3. पुराणों में अशोक को क्या कहा जाता है- अशोक वर्धन
  4. अशोक के समय मौर्य साम्राज्य कितने प्रान्तों(चक्र) बंटा हुआ था- 5
  5. अशोक के शासन में जनपदीय न्यायालय के न्यायाधीश को क्या कहते थे- राजुक
  6. अशोक के शासन में प्रशासन से सम्बन्घित सबसे छोटी इकाई कौनसी थी- ग्राम
  7. अशोक के शासन में ग्राम के मुखिया को कहा जाता था- ग्रामीक
  8. चाणक्य अर्थशास्त्र में गुप्तचर को क्या कहा जाता था- गूढ़ पुरुष
  9. अशोक के शासन में सरकारी भूमि को क्या कहा जाता था- सीता भूमि
  10. मौर्य वंश का शासन कितने वर्षों तक रहा था- 137 वर्ष
  11. मौर्य वंश का अन्तिम शासक कौन था- बृहद्रथ
  12. सिकन्दर का जन्म कब हुआ था- 356 ई0पू0
  13. सिकन्दर के पिता का नाम क्या था- फिलिप
  14. सेल्यूकस निकेटर कौन था- सिकन्दर का सेनापति
  15. सिकन्दर ने पंजाब के राजा पोरस के साथ किये गये युद्ध को किस नाम से जाना जाता है- हाइडेस्पीज

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Monday, January 20, 2020

hindi kahaniya (अकबर और बीरबल)

hindi kahaniya (अकबर और बीरबल)

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Hindi Kahaniyan


hindi kahaniya (व्यवहारिक ऑखों का नजरिया)

शहंशाह अकबर और बीरबल के बारे में आप सभी जानते हैं। आईये उस समय इन दोनों की नौकझोंक के बारे में एक नया किस्सा पढ़ते हैं।

hindi kahaniya - अकबर और बीरबल

शहंशाह अकबर को प्रातः बगीचे एवं नदी के किनारे घूमना बहुत अच्छा लगता था। नदी की सैर में नदी के बदलते हुये रूपों को देखकर उनका मन प्रसन्न हो जाता था। एक दिन वर्षा ऋतु में अपने दरबारियों के साथ नदी के किनारे सैर पर निकले। जब वे नदी के किनारे पहुँचे, तो वर्षा होना प्ररम्भ हो गई। अकबर ने बहती हुई नदी में उतार-चढ़ाव वाली तेज लहरों को देखकर कहा कि- आज नदी का मिजाज कुछ ठीक नहीं लगता?

यह सुनकर बीरबल बोला- जी शहंशाह। जैसे कि आप रहम दिल के हैं, आपके दिल में सभी के लिए जगह है, लेकिन कभी-कभी आपको क्रोध आ जाता है, तो आग का गोला बन जाते है। 

hindi kahaniya - अकबर और बीरबल

बादशाह बोला- बीरबल मैं कुछ समझा नहीं।

बीरबल बोला- मेरा कहने का तात्पर्य है कि कभी-कभी हम लोग साक्षात्कार दिखने वाली वस्तु को भी देख नहीं पाते हैं। भगवान ने हमें आँखें दी हैं, फिर भी हम अन्धे बन जाते हैं।

इस बात का फायदा बीरबल के एक बिरोधी दरबारी ने उठाया और बादशाह से बोला-

शहंशाह देखा बीरबल हम लोगों को एवं आपको अन्धा कह रहा है।

यह बात सुनकर बादशाह आग-बबूला हो गये और बोले- बीरबल तुम्हारा मतलब है- कि मैं कभी-कभी अन्धा हो जाता हूँ, तुम एक सप्ताह में साबित करो, नहीं तो तुम्हें कराबास का दण्ड भुगतने के लिये तैयार हो जाओ।
बीरबल ने बादशाह को समझाने की कोशिश की, मगर बादशाह अपने क्रोध के कारण समझने की कोशिश नहीं की।

hindi kahaniya- अभ्यास का महत्त्व  

बादशाह का अपने महल पहुँचने के कुछ समय बाद क्रोध शान्त हो गया। और उसने बीरबल को बुलाया, लेकिन बीरबल छः दिन तक बादशाह के दरबार में नहीं आये।

आखिरी दिन प्रातः काल बीरबल एक तालाब के पास बदरगद के पेड़ की छाया में चारपाई बुनने लग गये थे।
उस तालाब पर एक दरबारी घोडे पर सवार होकर स्नान करने आया, उसने अपना घोडा एक पत्थर से बाँधा। और स्नान करने लिये तालाब की तरफ गये, तो उसने पेड़ की नीचे बीरबल को चारपाई बुनते देखकर हक्का-बक्का रह गया। वह बीरबल के पास गया, और बोला- बीरबल जी, यह क्या कर रहे हैं?

बीरबल ने उसकी तरफ देखा और मुस्कराकर अपने पैड़ पर कुछ लिखकर अपने कार्य में लग गये। दरबारी ने काफी कोशिश की, कि बीरबल कुछ जबाब दे, लेकिन उन्होंने कुछ उत्तर नहीं दिया।

कुछ समय बाद दरबारी दरबार में पहुँचा और उसने बादशाह एवं वहाँ मौजूद अन्य दरबारियों से कहा- कि बीरबल तालाब के पास चारपाई बुन रहा है।

दरबारी की बात सुनकर बादशाह ने उसकी बात विश्वास नहीं किया, लेकिन दरबारी अपनी बात पर अड़िग रहा। और बोला- शहंशाह आप स्वयं चल कर देख लीजिए।

बादशाह ने अपने दरबारियों के साथ तालाब पर जाने का निर्णय लिया। तालाब पर पहुँचे, तो देखा- कि बीरबल चारपाई बुन रहा था।

बादशाह ने अपने दरबारी को आदेश दिया, कि बरगद के पेड़ के पास जाकर देखिये कि बीरबल यह क्या कर रहा है?

दरबारी बीरबल के पास पहुँचा और बोला-बीरबल जी यह क्या कर रहे हैं? 

बीरबल ने उस दरबारी के तरफ मुस्कराकर अपने पैड़ पर कुछ लिखकर फिर अपने कार्य में लग गये। 
बादशाह ने अन्य दरबारियों को बीरबल के पास भेजा- उन्होंने भी यही कहा- कि बीरबल जी यह क्या रहे हैं? 
लेकिन उत्तर में कुछ मिला और उसने अपने पैड़ पर कुछ लिखा।

अन्त में बादशाह ने बीरबल के पास जाने का निश्चय किया-
बादशाह बीरबल के पास पहुँचे और बोले- बीरबल यह क्या रहे हो?

hindi kahaniya - अकबर और बीरबल

बीरबल ने हाथ जोड़कर बादशाह के सामने अपना सिर झुकाया और अपने पैड़ पर कुछ लिख दिया।
बादशाह बोले यह क्या लिख रहे हो?
बीरबल बोला- शहंशाह मैं ऐसे लोगों की सूची बना रहा हूँ, जिनकी आँखें तो हैं, लेकिन अपने स्वभाविक रूप से व्यवहार ऐसा करते हैं, कि मानो उनकी आँखें नहीं है।

बीरबल ने पैड़ बादशाह की तरफ बढ़ाया, तो अन्धों की लिस्ट में अपना नाम देखकर बादशाह आग-बबूल हो गया। लेकिन बादशाह ने अपना गुस्सा जल्दी ही काबू कर लिया।

जब बीरबल बोला-शहंशाह! मैंने पिछले हफ्ते आपसे कहा था कि हम लोग कभी-कभी अन्धे हो जाते हैं। यही बात सिद्ध करने के लिए मैं यहाँ चारपाई बुन रहा हूँ। आशा करता हूँ कि आप मेरा दण्ड माफ कर देंगे।


बीरबल की बातें सुनकर बादशाह बोले- ठीक कहते हो तुम और जोर से हँस पड़े।

Saturday, January 18, 2020

hindi kahaniya

hindi kahaniya - माया की चादर

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Hindi Kahani

hindi kahaniya - माया की चादर

प्रचीन समय में नबाबों के शहर लखनऊ (लक्ष्मणवती) में पं0 मदन मोहन शर्मा रहते थे। वे शहर के विख्यात प्रकाण्ड विद्वान व्यक्ति थे। उन्होंने वेद, पुराणों एवं धार्मिक ग्रन्थों का गहन अध्ययन किया था। वे शास्त्रीय संगीत में भी निपुण थे।

शर्मा जी इसी शिक्षा से पुरोहित का कार्य कर अपनी आजीविका चलाते थे। उनके पास जो भी व्यक्ति अपनी समस्या को लेकर आता था, वे बड़े ही सरल स्वभाव से उनकी समस्याओं का निदान करते थे। धीरे-धीरे उनकी ख्याति इतनी बढ़ गई कि शहर के ओर-पास बसे हुये गांवो में से ग्रामीण लोग भी उनके पास अपनी समस्याओं को लेकर आने लगे। 

शर्मा जी की दक्षिणा कोई निश्चित निर्धारित नहीं थी। इसलिये व्यक्ति श्रद्धा-भाव के अनुसार उनको दक्षिणा दे जाते थे। 

hindi kahaniya - अकबर और बीरबल


शर्मा जी का परिवार बड़ा होने के कारण जो दक्षिणा इस पुरोहित के कार्य से प्राप्त होती थी, उससे उनके परिवार का खर्चा नहीं चल पाता था। जब उनके पास खाली समय होता था, तो इसी चिन्तन में डूबे रहते थे, उनके परिवार का खर्चा कैसे चले? शर्मा जी विद्वान व्यक्ति थे, लेकिन उनके घर में लक्ष्मी का निवास नहीं था।

एक दिन शर्मा जी को किसी कार्य हेतु पास ही के गांव में जाना था। गांव जाने के लिए रास्ते में एक भयानक जंगल से गुजरना पड़ता था। गांव से आते -आते उन्हें रात हो गई थी। जब शर्मा जी को उस अन्धेरी रात में अपनी दरिद्रता का चिन्तन करते हुये जंगल से गुजर रहे थे, तभी पीछे से अचानक उनके कानों में आवाज सुनाई दी-  शर्मा जी क्या सोच रहे हो? 

hindi kahaniya - अकबर और बीरबल

पहले तो वे डर गये, लेकिन साहस कर उन्होंने पीछे मुड़कर देखा, तो एक दिव्य पुरुष उनके सामने खड़ा हुआ दिखाई दिया। शर्मा जी उसके सामने हाथ जोड़कर खडे़ हो गये। दिव्य पुरुष बोले- शर्मा जी मैं आपकी दद्रिता दूर सकता हूँ, मगर मेरी एक शर्त है। शर्मा जी बोले कैसी शर्त- 

मैं तुम्हें धन दूँगा, जिसमें से उस धन का आधा हिस्सा आपको जनकल्याण में लगाना होगा। शर्मा जी ने उस दिव्य पुरुष की शर्त मानकर बचन दे दिया।

शर्मा जी को उस दिव्य पुरुष ने एक बक्सा दिया, जो कि अशर्फियों से भरा हुआ था। शर्मा जी रात को उसे लेकर अपने घर पहुँचे, और रात भर सोचते-सोचते धन को देखकर माया की चादर उनके दिमाक में जम गई।

समय गुजरता गया, शर्मा जी के पास कोई कमी नहीं थी। परिवार के लिए सभी प्रकार की सुविधाएँ उन्होंने जुटा रखी थीं, लेकिन माया की परत के कारण शर्मा जी ने उस धन का प्रयोग केवल अपने लिये ही किया, उन्होंने जनकल्याण में एक रत्तिभर धन खर्च नहीं किया। शर्मा जी का वैभवता के कारण उनका क्षेत्र में और अधिक सम्मान बढ़ गया।

एक दिन शर्मा जी बीमार पड़ गये, सारे लखनऊ शहर  एवं ओर-पास के क्षेत्रों के हकीम वैद्यों ने उनका उपचार किया, उन्होंने विभिन्न प्रकार जड़ी बूटियों का प्रयोग किया गया, लेकिन उनके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं आया। एक रात दिव्य पुरुष शर्मा जी के सपने में आये और बोले-क्यों शर्मा जी कैसे हो बक्से से भरी अशर्फियाँ पाकर मुझे दिये गये बचन को भूल गये। शर्मा जी की एक दम आँखें खुली और उस वचन के बारे मे सोचने लगे, जो उन्होंने उस दिव्य पुरुष को दिया था। माया की चादर ने अबतक उन्हें उस बचन को याद ही नहीं दिलाया।

शर्मा जी सुबह होते ही जागे और वे समझ गये कि मेरी बीमारी का गूढ़़ रहस्य क्या है?

शर्मा जी ने बक्सा देखा, जोकि अभी भी आधे से ज्यादा अशर्फियों से भरा हुआ था। उन्होंने तुरन्त अपने मुनीम को बुलाया और कहा कि लखनऊ शहर के चोरों तरफ बसे गांवों में देखकर आओ कि गांवों में कौन-कौनसी सुख-सुविधाओं की कमी है।

hindi kahaniya- अभ्यास का महत्त्व  


एक सप्ताह घूमते-घूमते मुनीम जायजा लिया और शर्मा जी को जिन-जिन गांवों में सुविधाओं का अभाव था, उसकी एक लिस्ट उनके हाथों में थमा दी।
शर्मा जी ने फिर दिये गये बचन के अनुसार उस धन का आधा हिस्सा जनकल्याण में लगाना प्रारम्भ किया, उन्होंने गांवां में गुरुकुल, जलाशयों एवं पीने के पानी हेतु कूपां का निर्माण आदि कार्य करवाये, ऐसा करने पर शर्मा का स्वास्थ्य धीरे सुधरने लगा।

फिर उन्होंने उस दिव्य पुरुष को कोटि-कोटि नमन् कर धन्यवाद् दिया। 

शिक्षा- व्यक्ति को कभी लालच नहीं करना चाहिए अपने दिये गये बचन का पालन करना चाहिए। 


Monday, January 13, 2020

कवि परिचय(kavi parichay) कवि रामधारी सिंह 'दिनकर'

रामधारी सिंह 'दिनकर'

जन्म सन् 1908 ई0
मृत्यु सन् 1974 ई0

जीवन परिचय- 

जन चेतना के गायक और क्रान्तिकारी कवि दिनकर जी का जन्म ग्राम सिमरिया, जनपद बेगूसराय, बिहार में हुआ था। इन्होंने बी0ए0 तक शिक्षा ग्रहण की थी। बाद में इन्होंने माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य के रूप में कार्य किया। इन्होंने मुजफ्फरपुर के एक कॉलेज में हिन्दी-विभागाध्यक्ष एवं भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति तथा भारत सरकार के हिन्दी सलाहकार के रूप में कार्य किया। दिनकर जी राज्यसभा के भी सदस्य रह चुके हैं। 
प्रमुख कृतियाँ- 
1. रेणुका
2. हुंकार
3. रसवन्ती

Saturday, January 11, 2020

कवि परिचय(kavi parichay) श्रीमती महादेवी

महादेवी वर्मा

जन्म सन् 1907 ई0
मृत्यु सन् 11 सितम्बर, 1987 ई0

जीवन परिचय-

श्रीमती महादेवी वर्मा 'पीडा की गायिका' एवं 'आधुनिक युग की मीरा' के नाम से विख्यात हैं। इनका जन्म फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश में होलिका दहन के दिन हुआ था। इनकी माता का नाम हेमरानी था, जोकि साधारण कवियत्री थीं। इनकी श्रीकृष्ण में अटूट श्रद्धा थी। नौ वर्ष की अवस्था में इनका विवाह स्वरूपनारायण वर्मा से हो गया था। इन्होंने मैट्रिक से लेकर एम0ए0 तक की परीक्षाएँ प्रथम श्रेणी में पास की। महादेवी जी प्रयाग महिला विद्यापीठ में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत रहीं। 
प्रमुख कृतियाँ- 
1. नीहार
2. रश्मि
3. नीरजा
4. सान्ध्यगीत
5. दीपशिखा
अन्य कृतियाँ- अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएँ, श्रृखला की कड़ियाँ आदि।


Friday, January 10, 2020

कवि भूषण (kavi Bhushan)

महाकवि भूषण

जन्म संवत् 1670(सन् 1613 ई0)
मृत्यु संवत् 1772(सन् 1715 ई0)

महाकवि भूषण का जीवन परिचय-

वीर रस के सर्वश्रेष्ठ कवि भूषण का जन्म कानपुर के तिकवॉपुर ग्राम में हुआ था। इनके पिता का नाम पं0 रत्नाकर त्रिपाठी था। चित्रकूट के राजा रूद्र ने इनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर इन्हें ’भूषण’ की उपाधि प्रदान की। तब से ये भूषण के नाम से प्रसिद्ध हुये।

रचनाएँ- निम्न तीनों ग्रन्थ वीर रस के हैं।
1. शिवराज-भूषण
2. शिवाबावनी
3. छत्रसाल-दशक

Thursday, January 9, 2020

कवि मलिक मुहम्मद जायसी (kavi malik muhammad jaayasee)

मलिक मुहम्मद जायसी


जन्म संवत् 1579 (सन् 1492 ई0 के लगभग)
मृत्यु संवत् 1599 (सन् 1542 ई0 के लगभग)

मलिक मुहम्मद जायसी का जीवन परिचय- 

प्रेमाश्रयी शाखा के प्रवर्त्तक और प्रेम के पीर के अमर गायक कवि मलिक मुहम्मद जायसी का जन्म जायस नगर में हुआ था। उनके पिता का नाम शेख ममरेज था। बचपन में ही उनके माता-पिता का देहान्त हो गया। अतः  जायसी साधु-सन्तों की संगति में ही पला। उनके गुरू सूफी सम्प्रदाय के पीर शेख मोहदी थे।
प्रमुख कृतियाँ-
1. पद्मावत
2. अखरावट
3. आखिरी कलाम

Wednesday, January 8, 2020

कवि परिचय(kavi parichay)-कवि सुमित्रानन्दन पन्त

सुमित्रानन्दन पन्त

जन्म सन् 20 मई, 1900 ई0
मृत्यु  28 दिसम्बर, 1977 ई0

जीवन परिचय-

 प्रकृति के चित्रण के अमर कवि सुमित्रानन्दन का जन्म अल्मोड़ा के निकट कौसानी नाम ग्राम में हुआ था। जन्म के 6 घण्टे बाद ही इनकी माता का निधन हो गया। पिता एवं दादी की छाया में रहकर इनका लालन-पालन हुआ। पन्त जी जब 7 वर्ष के थे, उन्होंने काव्य-रचना आरम्भ कर दी थी। इनकी प्ररम्भिक शिक्षा-दीक्षा अल्मोड़ा में ही हुई। और यहीं से उन्होंने अपना नाम गोसाईंदत्त से बदलकर सुमित्रानन्दन रख लिया। 1919 ई0 में बनारस चले गये। यहाँ पर क्वीन्स कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की। सन् 1950 ई0 में वे 'ऑल इण्डिया रेडियो' के परामर्शदाता के पद पर नियुक्त हुये।  
प्रमुख कृतियाँ- 
1. लोकायतन
2. वीणा
3. पल्लव
4. गुंजन
5. ग्रन्थि
अन्य कृतियाँ- स्वर्णधूलि, स्वर्ण-किरण, युगपथ, उत्तरा एवं अतिमा।


Tuesday, January 7, 2020

Current Affairs

माह जनवरी, 2020 के महत्त्वपूर्ण दिवस, जोकि सभी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं।

current affair

1 जनवरी- वैश्विक (विश्व)  परिवार दिवस
8 जनवरी- अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस स्थापना दिवस
9 जनवरी- एन.आर.आई. अथवा प्रवासी भारतीय दिवस
11 जनवरी- लाल बाहदुर शास्त्री की पूण्यतिथि
12 जनवरी- राष्ट्रीय युवा दिवस
15 जनवरी- भारतीय सेना दिवस
23 जनवरी- सुभाष चंद्र बोस (नेताजी) जयंती
24 जनवरी- राष्ट्रीय बालिका दिवस
25 जनवरी- राष्ट्रीय मतदाता दिवस एवं राष्ट्रीय पर्यटन दिवस
26 जनवरी- गणतंत्र महापर्व दिवस
28 जनवरी- लाला लाजपतराय की जयंती
30 जनवरी- शहीद दिवस एवं विश्व कुष्ठ उन्मूलन दिवस

कवि परिचय(kavi parichay) कवि जयशंकर प्रसाद

जयशंकर प्रसाद

जन्म सन् 1889 ई0
मृत्यु सन् 14 नवम्बर, 1937 ई0

जीवन परिचय- 

छायावादी युग के महाकवि जयशंकर प्रसाद का जन्म काशी के एक सम्पन्न वैश्य परिवार में हुआ था। प्रसाद जी जब बाल्यावस्था में थे, तभी उनके पिता का स्वर्गवास हो गया। उन्होंने विद्यालय को छोड़कर घर पर ही अंग्रेजी, हिन्दी, बाँग्ला तथा संस्कृत आदि भाषाओं का ज्ञानार्जन किया। अपने पिता के कार्य को करते हुए भी उन्होंने अपने भीतर काव्य-प्रेरणा को जीवित रखा। जब भी उन्हें समय मिलता, तो वे दुकान की बही के पन्नों पर लिखते थे। 
प्रमुख कृतियाँ- प्रसाद की जी कुल 67 रचनाएँ हैं, जिनमें से प्रमुख निम्नवत् हैं :-
1. कामायनी
2. आँसू
3. चित्राधार
4. लहर
5. झरना

Monday, January 6, 2020

कवि परिचय-महाकवि केशवदास(Mahakavi Keshavdas)

केशवदास

जन्म संवत् 1612(सन् 1555 ई0)
मृत्यु संवत् 1674(सन् 1617 ई0)

महाकवि केशवदास का जीवन परिचय-

कठिन काव्य का प्रेत कहलाने वाले महाकवि केशवदास का जन्म ओरछा के प्रसिद्ध ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम पं0 काशीनाथ तथा उनके पितामह का नाम पं0 कृष्णदत्त था। केशवदास ओरछा नरेश के दरवारी कवि थे।
प्रमुख कृतियाँ-
1. रामचन्द्रिका
2. विज्ञान-गीता
3. वीरसिंहदेव-चरित
4. जहाँगीर-जस-चन्द्रिका
5. नख-शिख
6. रतन-बावनी
7. रसिकप्रिया
8. कविप्रिया

hindi kahaaniya (अकबर और बीरबल)

हिन्दी कहानी-अकबर और बीरबल

एक दिन अकबर अपना दोपहर का भोजन कर रहा था और बीरबल उसके पास खड़ा हुआ था। मेज पर बहुत सारी सब्जियाँ रखी थीं। अकबर ने उन सबको चखा। उसे बैंगन की रसेदार सब्जी पसन्द नहीं आती मालूम पड़ रही थी।
उसने बीरबल से पूछा, क्या तुमको बैंगन की रसेदार सब्जी पसन्द है?
बीरबल एक चतुर आदमी था। उसने अकबर के चेहरे की ओर देखा और जान गया कि बादशाह ने इसे पसन्द नहीं किया है। इसलिए उसने कहा, जहाँपनाह इसको कोई पसन्द नहीं करता है।
कौन इसे पसन्द करेगा? यह खाने में बहुत खराब लगती है।
बादशाह मान गया और बोला- हाँ तुम ठीक कहते हो। यह बुरी दिखाई पड़ रही है, यह खाने में बहुत बुरी लग रही है और बुरी गंद दे रही है। बीरबल को साहस मिल रहा था।
उसने कहा श्रीमान् जी आप देख रहे हैं कि इसको हिन्दी में बेगुन कहा जाता है, क्योंकि इसमें कोई गुन नहीं होता है।
बादशाह ने पूछा- गुन का क्या अर्थ है?
बीरबल ने जवाब दिया कि इसका अर्थ होता है- श्रीमान् यह केवल गधों के खाने के लिए उपयुक्त है।

लगभग एक माह बाद जब अकबर अपना कर रहा था, तब बीरबल वहीं था। बहुत-सी जायकेदार सब्जियाँ थीं। उनमें से एक बैंगन की रसेदार सब्जी भी थी। मगर वह अच्छी तरह पकायी गयी थी और जायकेदार लग रही थी। बादशाह उसका मजा ले रहा था। अचानक उसने टिप्पणी की- बैंगन आश्चर्यजनक सब्जी होती है।
बीरबल बादशाह का मिजाज फौरन समझ गया। उसने कहा-श्रीमान् जी यह संसार की सबसे उत्तम सब्जी है। यह सब्जियों का राजा है।
शहंशाह ने कहा, तुम यह कैसे कह सकते हो?
बीरबल ने जवाब दिया- यह इसलिए कि इसके सिर पर ताज होता है।
अकबर ने कहा-लेकिन मैं समझता हूँ कि यह केवल गधों के खाने के लिए उपयुक्त है।
बीरबल नीचे झुक गया और बोला- श्रीमान् जी मै। मानता हूँ। तभी गधे इसको पसन्द करते हैं।  

Sunday, January 5, 2020

कवि परिचय- जगन्नाथ ’रत्नाकर’ (kavi parichay- Jagannaath ’Ratnaakar’)

जगन्नाथ ’रत्नाकर

जन्म संवत् 1923(सन् 1866 ई0)
मृत्यु संवत् 1989(सन् 1932 ई0)

जगन्नाथ ’रत्नाकर’का जीवन परिचय-

ब्रजभाषा के कवि जगन्नाथ ’रत्नाकर’ का जन्म काशी में एक वैश्य-परिवार  में हुआ था। रत्नाकर जी के पिता का नाम पुरुषोत्तमदास था। ये आधुनिक युग के कवि थे।
प्रमुख कृतियाँ-
1. हिंडोला
2. समालोचनादर्श
3. हरिश्चन्द्र
4. कलकाशी
5. श्रृंगारलहरी
6. गंगालहरी
7. विष्णुलहरी
8. रत्नाष्टक
9.  वीराष्टक
10. प्रकीर्ण पद्यावली
11. गंगावतरण
12. उद्धव-शतक

Saturday, January 4, 2020

कवि परिचय- देव (kavi dev)

देव

जन्म संवत् 1730(सन् 16735 ई0)
मृत्यु संवत् 1824(सन् 1767 ई0)

देव का जीवन परिचय-

रीतिकाव्य को प्रतिष्ठा दिलाने वाले कवि देव का जन्म उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में हुआ था। इनके पिता का नाम बिहारी लाल दुबे था। देव एक दरबारी कवि थे। वे अपने जीवन काल में अनेक राजा एवं नवाबों के आश्रय में रहे।
प्रमुख कृतियाँ-
1. भावविलास
2. अष्टयाय भवानी-विलास
3. प्रेमतरंग
4. कुशल-विलास
5. जातिविलास
6. देवचरित्र
7. रसिविलास
8. प्रेचमन्द्रिका
9. सुजान-विनोद
10. काव्य-रसायन
11. सुखसागर तरंग
12. राग-रत्नाकर
13. देवशतक
14. देवमाया-प्रपंच

Friday, January 3, 2020

कवि परिचय-बिहारी (kavi parichay-bihaaree)

बिहारी

जन्म संवत् 1660(सन् 1603 ई0)
मृत्यु संवत् 1720(सन् 1663 ई0)

बिहारी का जीवन परिचय-

हिन्दी साहित्य में रीतिकाल के  कवि बिहारी का जन्म ग्वालियर राज्य के बसुआ-गोविन्दपुर ग्राम में हुआ था। इनके पिता का नाम केशवराय था। बिहारी जयपुर नरेश के महाराजा जयसिंह के दरबारी कवि थे।

प्रमुख कृतियाँ-
 कवि बिहारी की मात्र एक कृति ’बिहारी सतसई’ है। यह बिहारी रचित सात सौ दोहो का संकलन है। बिहारी जी को इस कृति ने हिन्दी साहित्य में अमर कर दिया। 

Thursday, January 2, 2020

भारतीय संस्कृति को बौद्ध धर्म की देन (bauddh dharm kee bhaarateey sanskrti ko den)


बौद्ध धर्म अपने में एक महान् क्रान्ति था। इसने भारतीय संस्कृति को विविध रूपों में प्रभावित किया और अपनी अनोखी देन से भारतीय धर्म-दर्शन, साहित्य-कला, शासन नीति और आचार-विचार को एक विशेष दिशा-बोध कराया। भारतीय संस्कृति के विविध पक्षों में बौद्ध धर्म के प्रभाव और देन का निम्नलिखित रूपों में परखा जा सकता-

धर्म एवं दर्शन के क्षेत्र में-

बौद्ध धर्म एक सीधा-सादा धर्म था। उसमें निरर्थक नियमों, विधि-विधानों तथा पुरोहितों की आवश्यकता न थी। इससे विपरीत वैदिक धर्म में कर्मकाण्ड तथा यज्ञों की भरमार थी। बौद्ध धर्म की लोकप्रियता ने वैदिक धर्म को अत्यधिक प्रभावित किया और इसी के परिणामस्वरूप हिन्दू धर्म का रूपान्तरण हुआ। यज्ञ, बलि, कर्मकाण्ड आदि आडम्बरों के स्थान पर हिन्दू धर्म में मानवता, स्नेह, सौहार्द की भावना का विकास हुआ। बौद्ध धर्म ने भारत में मूर्ति-पूजा के अधिक प्रसार का काम भी किया। महायान बौद्धों की मूर्ति-पूजा की प्रबल प्रवृत्ति ने हिन्दू धर्म में मूर्ति-पूजा को अधिक व्यापक बनाया। बौद्धों की मठ-प्रणाली ने भी हिन्दू धर्म को प्रभावित किया। इससे पूर्व में हिन्दू धर्म में मठ-प्रणाली नहीं थी। गुरु शंकराचार्य ने उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम चारों दिशाओं में अपने मठों की स्थापना की । बौद्ध धर्म ने प्रचार-प्रसार की जो शैली अपनाई उसने भी हिन्दू धर्म को प्रभावित किया। इससे पूर्व हिन्दू धर्म प्रचार-प्रसार में विश्वास नहीं रखता था।

बौद्ध धर्म ने वास्तव में अपने अनात्मवाद, अनीश्वरवाद, कार्य-कारण सम्बन्ध, कर्मवाद एवं पुनर्जन्मवाद, आन्तरिक शुद्धि तथा निर्वाण के दार्शनिक विचारों को भारतीय चिन्तन प्रणाली को नवीन गति प्रदान की। असंग, नागार्जुन, वसुबन्धु, धर्मकीर्ति आदि ने बौद्ध विचारधारा का अपने ढंग से विकास किया। शून्यवाद तथा माध्यमिक दर्शन का भारत में ही नहीं अपितु विश्व के दर्शन साहित्य में भी गौरवपूर्ण स्थान है। बौद्धों का दार्शनिक साहित्य समृद्ध ही नहीं अपितु विचारोतेजक भी था। उनके विचारों से भारतीय दर्शन की प्राचीन परम्परा को नवीन दृष्टिकोण से पुनः विचार करने के लिए बाध्य होना पड़ा। बौद्धों ने दार्शनिक विचारों का खण्डन करने के लिए अन्य अनेक दर्शनिक पैदा हुए जिनमें कुमारिल भट्ट तथा गुरु शंकराचार्य अग्रगण्य थे। इन दोनों के योगदान से भारतीय दर्शन में नवीन चेतना जागृत हुई।

साहित्य एवं कला क्षेत्र में- 

बौद्ध धर्म ने भारतीय साहित्य एवं कला को भी काफी प्रभावित किया। बौद्ध धर्म के विद्वानों द्वारा पालि और संस्कृत भाषा में बौद्ध दर्शन और धार्मिक विचारधारा से सम्बन्धित प्रभूत साहित्य की रचना की गई। साथ ही महात्मा बुद्ध के जीवन को आधार बनाकर संस्कृत एवं जन भाषाओं में भी साहित्य लिख गया। काव्य एवं नीति सम्बन्धी अनेक ग्रन्थ लिखे गये। इन सबने भारतीय साहित्य को समृद्ध किया और संस्कृत तथा लोक भाषाओं के विकास में सहयोग दिया। बौद्ध विद्वान दिग्नाग ने भारतीय तर्क शास्त्र का विकास किया। उन्होंने ’’न्याय प्रवेश’’ और ’’आलम्बन परीक्षा’’ नामक ग्रन्थ लिखे। न्याय वैशेषिक पर इसकी गहरी छाप पड़ी है। बुद्ध चरित नाम महाकाव्य और ’’सारिपुत्र प्रकरण’’ नाम नाटक बौद्धों की देन है। मिलिनदपन्हो तथा महावस्तु नामक ग्रन्थों में काफी ऐतिहासिक सामग्री है। इसी प्रकार मन्जूश्री मूलकल्प तथा दव्यिवदान नामक बौद्ध ग्रन्थों से भी भारत के प्राचीन इतिहास के सम्बन्ध में महत्त्वपूर्ण जानकारी मिलती है। यदि सम्पूर्ण बौद्ध साहित्य को अलग कर दिया जाये, तो वस्तुतः भारतीय साहित्य खण्डित सा होने लगता है।

कला के क्षेत्र में भी बौद्ध धर्म की महान् देन रही है। कुछ विद्वानों की तो यह मान्यता है कि भारतीय शिल्प कला, मूर्ति कला एवं चित्र कला का जो निखरा स्वरूप दिखाई देता है वह बौद्ध धर्म की ही देन है। मन्दिरों का निर्माण, मूर्ति कला की गान्धार शैली बौद्ध धर्म के प्रभाव से ही विकसित हो पाई है। कला के क्षेत्र से पाषाण का प्रयोग सर्वप्रथम शायद अशोक ने ही किया था। उसने 84 हजार स्तूपों का निर्माण करवाया, जिसमें सांची का स्तूप आज भी कला की दृष्टि से श्रेष्ठ माना जाता है। अशोक द्वारा निर्मित स्तम्भों में उच्चकोटि की कला झलकती है। सांची, भरहुत और अमरावती में बौद्ध धर्म की उच्चकोटि की कलाकृतियों का निर्माण हआ। शिल्प कला विकास भी बौद्ध धर्म के कारण ही सम्भव हो पाया। महायान सम्प्रदाय के विकास के साथ-ही-साथ महात्मा बुद्ध की प्रतिमाओं का निर्माण किया जाने लगा। इस समय बुद्ध की अधिकांश मूर्तियाँ गान्धार प्रदेश में बनी।  इसलिए उस प्रदेश की कला को गान्धार शैली का नाम दिया गया। गान्धार कला ने भारतीय मूर्तिकला को प्रेरणा दी, जिसके फलस्वरूप मथुरा, नालन्दा, और सरनाथ में मूर्तिकला की अलग-अलग शैलियाँ विकसित हुई। चित्रकला के क्षेत्र में अजन्ता की विश्व प्रसिद्ध गुफाओं की चित्रकला है। इसका मुख्य विषय बुद्ध के जीवन के विभिन्न दृश्य तथा बोधिसत्वों का जीवन चित्रण ही है।

प्रशासन नीति क्षेत्र में-

बौद्ध धर्म ने परोक्ष रूप से प्रशासन नीति को भी प्रभावित किया। जनतंत्र की समानता, सहिष्णुता और भ्रातृत्व की भावना को बौद्ध धर्म में साफ देख-परखा जा सकता है। बौद्ध धर्म ने ’’अहिंसा परमोधर्म’’ का नारा बुलन्द किया। अशोक ने हमेशा-हमेशा के लिए तलवार म्यान में रख कर अहिंसा  का मार्ग अपनाया। यह ठीक है कि राजनैतिक दृष्टि से बौद्ध धर्म भारतीय संस्कृति के पतन का कारण बना, परन्तु उसने भारतीय शासकों में लोक सेवा की भावना को पुनः जागृत किया। आधुनिक युग में महात्मा गाँधी ने अहिंसा को अपने आन्दोलन का मुख्य साधन बनाया।

आचार-विचार के क्षेत्र में-

भारत में प्राचीन काल से सदाचार को महत्त्व मिला आया है। सत्य, सेवा, त्याग, परोपकार, अहिंसा आदि भारतीय संस्कृति के आदेर्श रहे हैं। किन्तु जिस समय भारत में इन आदर्शों का विलोप होने लगा तब बौद्ध धर्म ने ही ’दस शील’’ को अपनाकर भारतीय जनता को पुनः नैतिकता और सदाचरण का मार्ग दिखलाया और भारतीय आचार-विचार को उन्नत बनाने में पूरा सहयोग प्रदान किया।

इस प्रकार हम कह सकते हैं कि आज के युग में भी बौद्ध धर्म मानव समाज के लिए एक विशेष आकर्षण रखता है। विज्ञान एवं बौद्धिकता के मौजूदा युग में सामान्य व्यक्ति भी अन्धविश्वासों, रूढ़ियों एवं जटिल कर्मकाण्डों से रहित धर्म की अपेक्षा करता है। अहिंसा और मानवता की सेवा को अपनाना चाहता है। बुद्धि और तर्क की सहायता से रहस्यों को जानना चाहता है। इस दृष्टि से आज के युग में भी बौद्ध धर्म मानवता को सही मार्ग दिखलाने वाला है।


 बौद्ध धर्म (Buddhism)

बौद्ध धर्म के प्रमुख सिद्धान्त (Major Principles of Buddhism)

बौद्ध धर्म का विभाजन (bauddha dharm ka vibhaajan)